विद्या भवन उदयपुर

  प्रस्तावना

विद्या भवन राजस्थान के उदयपुर शहर में स्थित है सन 1931 में विद्या भवन  की शुरुआत की गई इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा देने का था।

       विद्या भवन सोसायटी इस उद्देश्य को लेकर खोली गई कि ऐसे नागरिक का निर्माण करना जिसका विकासात्मक दृष्टिकोण हो खुली सोच हो ताकि वह नागरिक स्वयं ही विकास ना करें वरन पूरे देश और राष्ट्र का निर्माण कर सके।

          विद्या भवन सोसायटी का दृष्टिकोण एक जिम्मेदार  जन्तन्त्रीय, सामाजिक, नैतिक राजनैतिक ,अर्थपूर्ण और नैतिकता पूर्ण नागरिक का निर्माण करना है।

             विद्या भवन सोसायटी अगस्त 1941 में स्थापित हुई और पब्लिक सोसाइटी ऐक्ट द्वारा रजिस्टर किया गया।

              सन 1931 में डॉ मोहन सिन्हा मेहता ने  अपने साथी डॉ के एल श्रीमाली और के एल बोर्डिया ने  विद्या भवन का निर्माण किया।

           उन्होंने जातिगत भेदभाव का सदैव विरोध किया व्यक्ति जाति भेदभाव से दूर होकर एक अच्छा नागरिक बन सकें इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए विद्या भवन का निर्माण किया गया।

           डॉ मोहन सिन्हा ने वर्तमान समय में चल रही शिक्षा प्रणाली का विरोध किया तथा सामंतवाद का कड़ा विरोध किया इस सोसाइटी का उद्देश्य प्रत्येक सामान्य बच्चों को विशेष प्रकार की शिक्षा दी जानी चाहिए ताकि वह एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाए और उनके भीतर एक ऐसी क्षमता पैदा हो कि वह अपने समाज को विकास की ओर ले जा सके।

           विद्या भवन  सोसाइटी के श्री अजय मेहता प्रेसिडेंट  रहे उन्होंने जे एन यू से  अर्थशास्त्र विषय में एम फिल की परीक्षा उत्तीर्ण की। सन 1980 - 84 में इंडियन रेलवे ट्रेफिक सर्विस में कार्य किया वे एसोसिएट पर कई वर्षों तक कार्य करते रहे वर्तमान समय में  सेवा मंदिर जो उदयपुर में स्थित है वहां के प्रेजिडेंट पद पर कार्यरत हैं।

           विद्या भवन सोसायटी अत्यंत सृजनात्मक एवं जनतंत्रीय है।

  विद्या भवन संस्था

        विद्या भवन संस्था को खोलने का उद्देश्य एक ऐसे नागरिक का निर्माण करना है जो अपने परिवार ,अपने समाज ,अपने देश तथा अपने राष्ट्र के प्रति निष्ठावान एवं कर्तव्य परायण हो इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अच्छी शिक्षा की आवश्यकता है जो उसे विद्यालय से लेकर उच्च कक्षाओं तक प्राप्त हो । समय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तकनीकी शिक्षा भी दी जानी चाहिए।

        उज्जवल भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि बाल विकास पर पूर्ण ध्यान दिया जाए तथा स्त्री शिक्षा एवं स्त्रियों के पूर्ण विकास पर भी ध्यान दिया जाए।

         ऐग्रिकल्चर पंचायती राज वीमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट आदि ऐसे क्षेत्र हैं जिनको छात्रों के उज्जवल भविष्य हेतु लाभकारी माना है

 विद्या भवन  सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बेसिक स्कूल)

 स्थान  ----

 गांव रामगिरी ब्लॉक बड़गांव जिला उदयपुर राजस्थान भारत।

 विशेषताएं ------

-ये राजस्थान बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है यह विद्यालय प्रकाश तथा हवादार है समस्त कक्षाओं में भी वायु एवं प्रकाश की उचित व्यवस्था है विद्यालय में खेल का बड़ा  मैदान खेल युक्त सामग्री, कंप्यूटर एवं विज्ञान संबंधित  समस्त प्रयोग शालायें एवं एक बड़ी लाइब्रेरी उपलब्ध है लाइब्रेरी में समस्त विषयों से संबंधित 15000 किताबें उपलब्ध हैं।

 उद्देश्य ---

' गांधी जी के बेसिक शिक्षा के सिद्धांतों से प्रेरणा पाकर सन 1948 में सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की स्थापना की गई थी जो राजस्थान बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त हैं और 12वीं कक्षाओं तक अच्छी शिक्षा दी जाती है इस विद्यालय का उद्देश्य छात्रों को उत्तम शिक्षा प्रदान करना है उद्देश्य की पूर्ति हेतु अनुभवी एवं उच्च योग्यता प्राप्त शिक्षकों द्वारा शिक्षा दी जाती है।

        विद्या भवन पब्लिक स्कूल (अंग्रेजी माध्यम)

          यह विद्यालय उदयपुर क्षेत्र के मोहन सिन्हा मेहता मार्ग पर स्थित है यह केंद्रीय बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है कक्षा 1 से 12 तक कि यहां कक्षाएं चलती है  केंद्रीय बोर्ड द्वारा सन 2001 में इसे मान्यता दी गई विद्या भवन पब्लिक स्कूल विद्या भवन सोसायटी द्वारा संचालित किया गया था इसका उद्देश्य छात्रों को उनकी योग्यता अभिक्षमता ,शक्क्ति के अनुसार शिक्षा दी जानी चाहिए विद्यालय का वातावरण पूर्णता स्वतंत्र होना चाहिए विद्यालय ही  एक ऐसा स्थान है जहां से बच्चों का सामाजिक ,आर्थिक ,सांस्कृतिक विकास किया जा सकता है इस विद्यालय का माध्यम अंग्रेजी है ताकि वे बालक देश विदेश में जाकर अपना व अपने देश का संपूर्ण विकास कर सकें और एक अच्छे नागरिक बन सकें 

बालक के पूर्ण विकास में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है अतः इस विद्यालय में योग्य शिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा शिक्षा की व्यवस्था केंद्रीय बोर्ड द्वारा की जाती है।

             

                

            

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